बी एल पी यशोदा हॉस्पिटल में सैनिक परिवार के साथ ही दीन दुखियों के लिए ओपीडी 08 से 10 बजे तक निशुल्क
गोंडा। समय के साथ बदलाव प्राकृतिक नियम है। लेकिन संवेदनाओं का खत्म हो जाना इंसानी व्यक्तित्व का ह्रास है। आजकल हर ओर चिकित्सा सेवाओं के गिरते स्तर को लेकर चर्चाएं आम है। लोग अक्सर कहते दिख जाते हैं कि पहले मरीजों के लिए डॉक्टर किसी फ़रिश्ते से कम नहीं थे, लेकिन अब यह पेशा सेवा के लिए कम, और “व्यापार” के लिए “उपयुक्त” बाजार बन गया है। लोगों का नाहक शोषण कर घर खेत तक बिक जाने की बात चर्चाओं में आम बना रहता है। लेकिन इस मिथक को तोड़ कर असल जीवन में मरीजों की सेवा करने का विचार रखने वाले डॉक्टर्स बहुत ही कम हैं।
ऐसे ही लोगों की सेवा के लिए जिले में प्रसिद्ध बीएलपी यशोदा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर जयनगरा गोंडा बलरामपुर रोड पर स्थित है। जहाँ प्रत्येक दिन दिन दुखियों के लिए सुबह 08:00बजे से लेकर 10:00 बजे तक निशुल्क चिकित्सा सेवा परामर्श उपलब्ध है। यही नहीं गरीब मरीजों के लिए दो दिनों की दवाइयां भी मुफ्त है। वही सैनिक एवं उनके परिवार के लिए 24 घंटे मुफ़्त चिकित्सा परामर्श सेवा उपलब्ध है। इसके साथ ही आँखो के मरीजों की सुबह 08:00 बजे से 11:00 बजे तक निशुल्क जांच सेवा भी प्रत्येक दिन उपलब्ध है। जिले में पहली बार गरीब जनमानस के लिए चिकित्सा सेवा जैसा महत्वपूर्ण कदम उठाने के लिए इस इच्छा शक्ति का प्रदर्शन जिस डॉक्टर के द्वारा किया जा रहा है उनका नाम डॉक्टर जय शंकर पांडेय है। डॉक्टर जय शंकर एमबीबीएस, एमडी, पूर्व चिकित्सक श्यामा प्रसाद मुखर्जी सेवाभाव की ऊर्जा से भरे हुए एक नौजवान चिकित्सक है। वे लखनऊ से आकर जिले में अपने गृह जनपद के लोगों की सेवा करना चाहते है। एक विशेष भेंटवार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि पिता हरि प्रसाद पांडे इटियाथोक के ग्राम बिरमा पुर में रहते है वे एक साधारण किसान है। घर में चाचा डॉक्टर सुभाष चंद्र पाण्डेय जो कि लंदन बर्मिंघम में रहते है, से प्रेरित होकर घर में हम तीन भाइयों ने पिता के अधूरे ख्वाबों को हकीकत में बदलने के लिए जी तोड़ मेहनत करके डॉक्टर बनने का प्रण किया। ईश्वर की कृपा और माता पिता के आशीर्वाद खुद की सच्ची लगन और मेहनत से आज हम तीन भाई डॉक्टर है। बड़े भाई डॉक्टर राम शंकर पांडेय धाने पुर में, डॉक्टर विजय शंकर पांडेय, मेडिकल कॉलेज गोंडा, में ईएमओ के पद पर तैनात हैं। पिता जी का कहना था कि जब आप लोग डॉक्टर बन जाओगे तो अपने जिले के लोगों की ही सेवा करना। और दिन दुखियों की सेवा को अपना फर्ज समझना। देश के जवानों की सेवा ही सच्ची देश भक्ति है इसलिए इनका विशेष ध्यान रखना। उनके द्वारा कहे गए प्रत्येक बातों को आत्मसात करते हुए हम तीनों भाई जिले के अलग अलग क्षेत्रों में रहकर जिले वासियों की सेवा कर रहे हैं। यही हमारा उद्देश्य है, और यही हमारी सच्ची भावनाएं। “समाचार वार्ता” ऐसे “विशिष्ट लोगों” के विचारों को समाज में एक “सकारात्मक” पहल को प्रोत्साहित करने के लिए जन जन तक यह संदेश पहुंचाने में एक छोटी सी भूमिका निभाने का प्रयास कर रहा है!
ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सके यही हमारी सच्ची भावनाएं हैं।
